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post authorjitendar nayyar 02 Mar 2026 638

मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने की राज्यपाल से मुलाकात                                          .

  देहरादून 02 मार्च। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से सोमवार को लोक भवन में डॉ. एस.एम. विल्सन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, ब्लैकफुट चैलेंज (मोनटाना राज्य, अमेरिका) ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर डॉ. विल्सन ने मानव-भालू संघर्ष विषय पर अपने 20 वर्षों के अध्ययन एवं अनुभव साझा किए। डॉ. विल्सन ने कहा कि उनके शोध में पाया गया है कि भालू अक्सर मृत मवेशियों के अवशेषों की ओर आकर्षित होकर आबादी वाले क्षेत्रों में प्रवेश करते हैं। ऐसे में मृत पशुओं का वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निस्तारण अत्यंत आवश्यक है, जिससे भालुओं का मानव बस्तियों की ओर आकर्षण कम किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण भालुओं के व्यवहार में परिवर्तन देखने को मिल रहा है। शीतनिद्रा (हाइबरनेशन) की अवधि में कमी आने से वे अधिक समय तक सक्रिय रहते हैं और भोजन की तलाश में मानव आबादी के निकट पहुँच जाते हैं।
उन्होंने सुझाव दिया कि मानव-भालू संघर्ष को कम करने के लिए भालुओं के आहार, आवासीय व्यवहार तथा गतिविधियों का विस्तृत अध्ययन किया जाना चाहिए। सामुदायिक सहभागिता, वैज्ञानिक डेटा के सह-निर्माण और रोकथाम आधारित उपाय, पशु अवशेष प्रबंधन तथा जन-जागरूकता एवं प्रभावी प्रबंधन रणनीतियाँ तैयार करने में सहायक हो सकते हैं।राज्यपाल ने डॉ. विल्सन के अनुभवों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य में मानव -वन्यजीव संतुलन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामुदायिक सहभागिता और समन्वित प्रयासों से मानव और वन्यजीवों के बीच सामंजस्य स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने डॉ. विल्सन को वन मंत्री एवं सचिव से बैठक कर अपने सुझाव साझा करने का अनुरोध भी किया। इस अवसर पर पूर्व पीसीसीएफ राजीव भरतरी भी उपस्थित थे।